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22 Jan 2018

(( गणतंत्र दिवस की हार्दीक शुभ कामनायें )) गणतंत्र दिवस मुबारक , शुभ गणतंत्र दिवस शायरी!!

शुभ गणतंत्र दिवस शायरी, देश भक्ति शायरी, 26 जनवरी शायरी।। 

Republic Day Hindi Shayari 
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Republic Day Shayari
Happy republic day 

आओ झुक कर सलाम करें उनको
जिनके हिस्से में यह मुकाम आता है
खुशनसीब होता है वो खून
जो देश के काम आता है
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

आज मैं आप से अपने दिल की बात कहना चाहता हूँ
हाँ वही तीन अलफ़ाज़ जो आप सुनना चाहते हैं
वो ही तीन अलफ़ाज़ जो आप के दिल को छू लें
हैप्पी गणतंत्र दिवस
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं
सुनहरा रंग है गणतंत्र का शहीदों के लहू से
ऐसे शहीदों को हम सब सर झुकाते हैं
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

आज़ाद भारत के निकम्मो
अगर दीपावली या न्यू इयर आने वाला होता
तो तुम आज से ही शुभकामनायों की लाइन लगा देते
अब काम बंद करो और सबको शुभकामनाएं देनी शुरू करो
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं


गांधी स्वप्न जब सत्य बना
देश तभी जब गणतंत्र बना
आज फिर से याद करें वो मेहनत
जो थी की वीरों ने, और भारत गणतंत्र बना
गणतंत्र दिवस मुबारक हो

संस्कार, संस्कृति और शान मिले
ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले
रहे हम सब ऐसे मिल-झूल कर
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान् मिले
शुभ गणतंत्र दिवस


वतन हमारा ऐसे, ना छीन पाये कोई
रिश्ता हमारा ऐसे, ना तोड़ पाये कोई
दिल हमारे एक हैं, एक है हमारी जान
हिंदुस्तान हमारा है, हम हैं इसकी शान
शुभ गणतंत्र दिवस

ना दूध दूंगा ना खीर दूंगा
कश्मीर की तरफ देखेगा तो चीर दूंगा
ये तो हमारे नेता ही नाकारा हैं
तभी तो पकिस्तान नाम 'तुम्हारा' है
मिटा दूंगा हस्ती तुम्हारी 'भारत' नाम हमारा है
जय हिन्द-जय भारत
शुभ गणतंत्र दिवस

मेरा जूता है जापानी
पतलून है इंग्लिश तानी
सर पर लाल टोपी रुसी
फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी
शुभ गणतंत्र दिवस

आज़्म-ए-वफ़ा मेरे वतन के साथ
मेरी खुशियाँ मेरे वतन के साथ
मेरा खून पसीना वतन के साथ
ये जज़्बा मेरे ख़्वाबों के साथ
शुभ गणतंत्र दिवस

मैं इसका हनुमान हूँ
ये देश मेरा राम है
छाती चीर कर देख लो
अन्दर बैठा हिंदुस्तान है
जय हिन्द
जय भारत
शुभ 26 जनवरी

चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं
याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी
जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

जिन्हें है प्यार वतन से वो देश के लिए अपना लहू बहाते हैं
माँ की चरणों में अपना शीश चढ़ाकर देश की आजादी बचाते हैं
देश के लिए हँसते-हँसते अपनी जान लुटाते हैं

कभी सनम को छोड़ के देख लेना कभी शहीदों को याद करके देख लेना
कोई महबूब नहीं है वतन जैसा यारो देश से कभी इश्क करके देख लेना


ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट करसोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास
गणतंत्र दिवस की बधाई


असली गणतंत्र तभी बनता है जब संविधान कागज से निकलकर आम लोंगो के जिंदगी में शामिल हो जाये
आओ कुछ ऐसा कर दिखाएँ कि सब को हम पर मान हो जाये
गणतंत्र दिवस की हार्दीक शुभ कामनायें


गणतंत्र दिवस की बधाई शायरी, देश भक्ति शायरी, 

Hindi Republic Day Shayari
Republic Day best Status 

राष्ट्र के लिए मान-सम्मान रहे,
हर एक दिल में हिन्दुस्तान रहे,
देश के लिए एक-दो तारीख नही,
भारत माँ के लिए ही हर सांस रहे
गणतंत्र दिवस की बधाई


संस्कार, संस्कृति और शान मिले
ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले
रहे हम सब ऐसे मिल-झुल कर
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई


चलो फिर से खुद को जगाते हैं
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं
याद करें उन शूरवीरों को क़ुरबानी
जिनके कारण हम इस लोकतंत्र का आनंद उठाते हैं
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं


देश भक्तों के बलिदान से, स्वतंत्र हुए हैं हम
कोई पूछे कौन हो, तो गर्व से कहेंगे, भारतीय हैं हम
गणतंत्र दिवस मुबारक


भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान
सब धर्मों को देकर मान रचा गया इतिहास
इसीलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास
गणतंत्र दिवस की बधाई

ज़माने भर में मिलते हैं आशिक कई
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता
नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हैं कई
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

नहीं सिर्फ जश्न मनाना
नहीं सिर्फ झंडे लहराना
यह काफी नहीं है वतन पर
यादों को नहीं भुलाना
जो क़ुर्बान हुए
उनके लफ़्ज़ों को बढ़ाना
खुद के लिए नहीं
ज़िंदगी वतन के लिए लुटाना
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई

तैरना है तो समंदर में तैरो
नदी नालों में क्या रखा है
प्यार करना है तो वतन से करो
इन बेवफ़ा लोगों में क्या रखा है
गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं


देश भक्तों के बलिदान से, स्वतंत्र हुए हैं हम
कोई पूछे कौन हो, तो गर्व से कहेंगे, भारतीय हैं हम
गणतंत्र दिवस मुबारक हो

दाग़ गुलामी का धोया है जान लुटा कर
दीप जलाए हैं कितने दीप बुझा कर
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर
इस आज़ादी को रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर
गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

जब देश में थी दिवाली..... वो खेल रहे थे होली...
जब हम बैठे थे घरो में...... वो झेल रहे थे गोली...
क्या लोग थे वो अभिमानी...
है धन्य उनकी जवानी.........
जो शहीद हुए है उनकी... ज़रा याद करो कुर्बानी...
ए मेरे वतन के लोगो... तुम आँख में भर लो पानी

तिरंगा हमारा हैं शान- ए-जिंदगी
वतन परस्ती हैं वफ़ा-ए-ज़मी
देश के लिए मर मिटना कुबूल हैं हमें
अखंड भारत के स्वपन का जूनून हैं हमें

भारत देश हमको जान से प्यारा है
हिन्दुस्तानी नाम हमारा है।
न बर्षा में गलें न सर्दी से डरें न गर्मी से तपें ।
हम फौजी इस देश की शान है

मौत आयी तो कहा मैंने-रहम कर रूक जा
आज गणतंत्र दिवस है मैं मना लूँ तो चलूँ
धुँए से लाल हुई आँखें बरसना चाहें
माँ के आँचल में लगी आग बुझा लूँ तो चलूँ

खून तो सिख का है हिन्दू का लहू पानी है
अरे नादानो ! फकत यह तो बदगुमानी है
एक ही खून है है एक धरा एक गगन
दोनों की कटि से बँधी एक ही ‘भवानी’ है
चुने दीवार में दो बच्चे गये थे क्यौं कर
क्यौं बने सिख ये कहानी मैं सुना लूँ तो चलूँ


अपनी मिट्टी का तिलक माथे लगा लूँ तो चलूँ
देश की भक्ति के कुछ गीत बना लूँ तो चलूँ 

इतना सुन्दर जीवन दिया हमें
कई लोगो की कुर्बानी ने
फेशन ने अँधा कर दिया हमे
जोश भरी जवानी में
क्या समझेंगे हम मौल इस आजादी का
कभी सहा नहीं दर्द हमने गुलामी का ||

खूबसूरती ऐसी हैं मेरे वतन की
शान हैं दिल में तिरंगे की
जिन्दगी से इतना प्यार न रह गया
भारत माँ का दुलार ही जीवन बन गया

न पाल हिन्दू मुस्लिम का बैर
मेरी माँ के प्यार को न बना इतना गैर
उसके दिल में सभी समान हैं
सब मिलकर रहे इसी में उसकी शान हैं

पैसे की चाह में देश छूट गया 
ऐ वतन मैं तुझसे दूर हो गया
न जानता था मैं
इस मिट्टी की खुशबू
न समझता था मैं
अपनों की आरजू
आज जब तिरंगा देखा मैंने
मेरे वतन की याद आने लगी
आज जब राष्ट्रगान सुना मैंने
मुझे वतन की खुशबू सताने लगी

वीरों के बलिदान की कहानी हैं ये
माँ के कुर्बान लालो की निशानी हैं ये
यूँ लड़ लड़ कर इसे तबाह ना करना
देश हैं कीमती
उसे धर्म के नाम पर नीलाम ना करना

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